विजय जोशी
( मुख्य कार्यकारी अधिकारी )
ईशान शर्मा
( प्रबंध – निदेशक )
हिमालय क्षेत्र और विशेषकर उत्तराखंड का पर्वतीय क्षेत्र एक विशेष भोगोलिक और प्राकृतिक क्षेत्र है पुराणो में वर्णित यह भूमि आदि अनादि काल से जड़ी बूटी और जीवन दायनी औषधियों का स्त्रोत रही है यहा के उच्चतम पर्यावरण और साफ सुथरे प्राकृतिक संसाधानो का खजाना , स्वास्थ्य वर्धक अनेक खाद्य पदार्थो की सृजन स्थली है। जैविक खाद एवं औषधिय जल से सृजित यह खाद्य पदार्थ शरीर के अंदर जाकर अनेक प्रकार की व्याधियों का अंत करते है और आपके शरीर को शक्ति और स्फूर्ति से भर देता है। जिसके चलते प्राचीन काल से ही अनेक साधु संतो तथा प्रसिद्ध व्यक्तियों ने इसी क्षेत्र को अपने लिए चयनित किया तथा यहां रहकर खाद्य पदार्थो का सेवन किया एवं लाभ प्राप्त किया। रामायण काल में जब लक्ष्मण जी को मूर्छा आई और सभी प्रकार के प्रयास के बाद भी कोई फ़र्क नहीं पड़ सका तो प्रभु हनुमान जी यहीं से संजीवनी बूटी हेतु पर्वत को लेकर गए जो इस बात को दर्शाता है कि यह क्षेत्र देवकाल से ही अलौकिक है और औषधिय खाद्य पदार्थो का भंडार रहा है। अनेक जड़ी बूटी ऐसी है जो केवल इस क्षेत्र में पाई जाती है और अत्यंत गुणकारी है तथा अत्यंत दुर्लभ भी है। हमारा हिमवंत के माध्यम से यह प्रयास है की इन खाद्य सामग्री को आमजन तक सुलभता से उपलब्ध करा कर सभी को इन दैविय गुण वाले उत्पादो का लाभ उपलब्ध कराये तथा साथ ही हमारे उत्तराखंड के दुर्गम और अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर इन उत्पादो को उगाने वाले हमारे भाई बहनो को रोजगार भी उपलब्ध करा सके तथा उनका जीवन स्तर उठा कर उन्हें मुख्यधारा में लाया जाए। इसलिए हमारा यह प्रयास केवल व्यापार न होकर उससे अधिक एक जनांदोलन है जो निरंतर जारी रहेगा और आप सभी को इसका लाभ मिलता रहेगा।